आदिवासी महापुरुषों व वीर योद्धाओं की प्रतिमाएं शिवाजी मैदान से हटाने पर, मनोज सिंह ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी।
पलामू न्यूज Live//झारखंड राज्य अंतर्गत पलामू प्रमंडल के ऐतिहासिक शहर मेदिनीनगर जिसे महान प्रतापी राजा मेदिनीराय के नाम से जाना जाता है, आज एक बार फिर जनभावनाओं के साथ हुए कथित खिलवाड़ को लेकर चर्चा में है। पलामू के शिवाजी मैदान से आदिवासी महापुरुषों एवं शहीद वीर योद्धाओं की स्थापित प्रतिमाओं को हटाए जाने पर पूर्व नगर परिषद उपाध्यक्ष मनोज सिंह ने कड़ा विरोध जताते हुए बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
उन्होंने कहा कि नीलांबर- पीतांबर जैसे पलामू प्रमंडल के भूमिपुत्र शहीद वीर योद्धा इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में दर्ज हैं। ऐसे महापुरुषों की प्रतिमाओं को प्रशासन द्वारा हटाना न केवल निंदनीय है, बल्कि यह पूरे पलामू प्रमंडल की जनभावनाओं के साथ सीधा खिलवाड़ और आदिवासी समाज का अपमान भी है।
मनोज सिंह ने बताया कि प्रतिमा स्थापना को लेकर 62 दिनों तक लगातार धरना-प्रदर्शन किया गया था। जिसके बाद प्रशासन द्वारा गठित चयनित टीम और आंदोलनकारियों के बीच शिवाजी मैदान में प्रतिमा स्थापना को लेकर सहमति बनी थी। इसी सहमति के तहत प्रतिमा स्थापना के लिए चबूतरे का शिलान्यास किया गया और चबूतरा एक वर्ष से बनकर तैयार था।
इसके बाद 15 नवंबर 2025 को मोर्चा के आह्वान पर हजारों की संख्या में लोगों की मौजूदगी में महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित की गईं। आरोप है कि 26 दिसंबर 2025 को बिना किसी संगठन, घटक दल या आंदोलनकारियों को सूचना दिए प्रशासन द्वारा चुपके से प्रतिमाओं को शिवाजी मैदान से हटा दिया गया।
यह कदम अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है, जब प्रतिमा अनावरण को लेकर पहले ही सहमति बन चुकी थी कि वहां पर प्रतिमा लगाई जाएगी तब जिला प्रशासन द्वारा चुपके से क्यों हटाया गया।
पूर्व उपाध्यक्ष मनोज सिंह ने जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रशासन द्वारा पहले से चयनित स्थानों में से किसी एक स्थान पर अविलंब इन महापुरुषों की प्रतिमाएं सम्मानपूर्वक पुनः स्थापित की जाएं।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि जिला प्रशासन शीघ्र इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाता है। तो सभी सामाजिक संगठनों और आम जनता के साथ मिलकर प्रशासन के खिलाफ बृहद स्तर पर धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

