भारतीय संविधान दिवस पर गांव के लोगों को किया गया जागरूक, बच्चों को शिक्षित करने का छेड़ी गई मुहिम।

पलामू न्यूज Live //भारतीय संविधान क्या है सम का मतलब बराबर, विधान का मतलब कानून, यानी सबों के लिए कानून बराबर बनाया गया है उसे संविधान कहते हैं। हमें संविधान कि ज्ञान लेने के लिए पहले स्कूल में जाकर पढ़ना होगा, जब पढ़ेंगे तभी हम अपने महापुरुष के विचारों को जानेंगे बिना पढ़ाई के कोई भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता नहीं कानून के बारे में जानकारी हो सकती है इसलिए सबसे पहले हमें या हमारे बाल-बच्चे को पढ़ाई कराना है। उक्त बातें संविधान दिवस के अवसर पर रविदास दिव्य ज्योति संघ सह अंबेडकर विचार मंच सोनेसरई के संरक्षक श्री विनय कुमार ने बोल रहे थे। उन्होंने भारतीय संविधान निर्माता बोधिसत्व बाबासाहेब डॉ भीमराव अंबेडकर चौक सोनेसरई में 26 नवंबर 2025 दिन बुधवार को शाम 4 बजे सम्मानित मंच से कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने भारतीय संविधान दिवस के अवसर पर सम्मानित साथी एवं सम्मानित माताएं बहने गार्जियन प्यारे बच्चे को बाबा साहब के बताए हुए मार्ग पर चलने के लिए सुझाव दिए। विनय कुमार ने कहा कि बाबा साहब के बताए हुए बातों को भी हमें जानकारी रखनी होगी जिसमें पहला बात बाबा साहेब ने कहे थे शिक्षित बनो संगठित रहो और संघर्ष करो। आगे उन्होंने कहा कि शिक्षा वो शेरनी का दूध है जो जितना पिएगा उतना दहाड़ेगा, तीसरी बात बाबा साहेब ने कहा था तुम्हारे पैरों में जूता भले ही ना हो परंतु हाथों में कलम और किताब होनी चाहिए। इस अवसर पर गांव के हर घर के सैकड़ों महिला पुरुष, नौजवान, वृद्ध, बच्चे अंबेडकर चौक सोनेसरई में एकत्रित हुए और बाबा साहेब के द्वारा बताए हुए रास्ते पर चलने का संकल्प सपथ के माध्यम से लिया। इस कार्यक्रम के मौके पर गोविन्द कुमार ने कहा कि किसी भी समाज कि उत्थान के लिए शिक्षा सर्व प्रथम हासिल करना पड़ेगा तब जाकर बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर जी कि अधुरे सपने को साकार किया जा सकता है। हमें समतामूलक समाज के साथ रहना होगा समतामूलक समाज का अर्थ है एक ऐसा समाज जहां सभी लोगों को समान अवसर, संसाधन और अधिकार प्राप्त हों, चाहे उनकी पृष्ठभूमि, जाति, लिंग या आर्थिक स्थिति कुछ भी हो। ऐसे समाज में निष्पक्षता और न्याय होता है और प्रणाली गत असमानताओं को दूर करने का प्रयास किया जाता है ताकि हर व्यक्ति बिना किसी बाधा के अपना जीवन यापन कर सके और आगे बढ़ सके।

समतामूलक समाज की मुख्य विशेषताएं: गोविन्द रवि।

सभी को समान अवसर अपनी पसंद का जीवन जीने और अपनी क्षमताओं को विकसित करने के समान अवसर मिलते हैं। समाज निष्पक्षता और न्याय के सिद्धांतों पर आधारित होता है। जाति, लिंग, या सामाजिक- आर्थिक स्थिति जैसे कारकों पर आधारित भेदभाव और असमानताओं को समाप्त करने का प्रयास किया जाता है। सभी को स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, स्वच्छ जल और रहने के लिए सुरक्षित स्थान जैसे आवश्यक संसाधनों तक समान पहुंच प्राप्त होती है। प्रत्येक व्यक्ति को उन निर्णयों में भाग लेने का अधिकार होता है जो उसके जीवन को प्रभावित करते हैं। सभी के साथ बराबरी का व्यवहार किया जाता है और शोषण नहीं होता है।

नशा और दिखावे के चक्कर में ना पड़े : दिलीप कुमार SISF

शिक्षा के रास्ते पर नशा नामक शत्रू रोड़ा बनकर खड़ा रहता है जिससे हमें दुर हटना होगा तब जाकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सहुलियत मिलेगी। आज कल शादी विवाह एवं अन्य कई ऐसे दर्जनों फंक्शनों में फिजूल का खर्च करना भी समाज को पीछे धकेलने में अहम भूमिका निभा रही है जिससे बचना है। क्योंकि दिखावे के चक्कर में लोग कर्ज लेकर किसी भी कार्यक्रम करते हैं और कर्ज चुकता करते-करते अपने बच्चों को पढ़ा नहीं पाते हैं इसलिए दूसरे को देखकर उसकी बराबरी करने कि होड़ में शामिल नहीं होना है। हां किसी कि बराबरी भी करना है लेकिन शिक्षा, शिष्टाचार एवं ईमानदारी के रास्ते से होते हुए चलना है तब बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर जी कि अधुरे सपने को पूरा कर सकते हैं।

भ्रष्ट समाज से रहें दूर: चंदेश्वर कुमार ITBP

भ्रष्ट समाज वह है जहां व्यक्तिगत लाभ के लिए शक्ति का दुरुपयोग होता है जिससे विश्वास कम होता है लोकतंत्र कमजोर होता है और आर्थिक विकास बाधित होता है। यह समाज कई तरह से नुकसान पहुंचाता है जैसे कि सेवाओं की गुणवत्ता को कम करना, अपराध और आतंकवाद को बढ़ावा देना और गरीबी व असमानता को बढ़ाना। इससे जनता का विश्वास घटता है और समाज में अन्याय व अशांति फैलती है आपको ऐसे लोगों से दूर रहना चाहिए जो नकारात्मक, ईर्ष्यालु, लालची या धोखेबाज़ हैं। साथ ही उन लोगों से भी दूर रहें जो हमेशा दूसरों की शिकायत करते हैं या आपकी प्रगति से जलते हैं। ऐसे लोगों से बचना महत्वपूर्ण है जो अपनी गलतियां नहीं मानते हैं जो हमेशा झगड़े की जड़ बनते हैं।

भारतीय संविधान और देशों से बेस्ट है जिसका अध्यक्ष बाबा साहेब थे।

संविधान किसी भी देश का सर्वोच्च कानून होता है जो सरकार की संरचना, शक्तियों और कर्तव्यों को परिभाषित करता है जो नागरिकों के मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों को निर्धारित करता है। यह एक लिखित दस्तावेज़ होता है जो देश पर शासन करने के लिए बुनियादी नियमों और सिद्धांतों का एक समूह प्रदान करता है। भारतीय संविधान जिसे 26 नवंबर 1949 को अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया। यह भारतीय संविधान दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान है जिसे संविधान सभा द्वारा 2 साल 11 महीने और 18 दिनों में तैयार किया गया था जिसका अध्यक्ष डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी थे।

पलामू न्यूज Live

“ब्यूरो रिपोर्ट पलामू न्यूज Live”

विज्ञापन 1

लाइव कैलेंडर

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031

LIVE FM सुनें