पलामू में अबुआ आवास योजना में चरम पर भ्रष्टाचार, वित्त मंत्री आखिर क्यों हैं मौन:- संदीप सरकार।
पलामू न्यूज Live//झारखंड में भ्रष्टाचार का बात करें तो किसी भी विभाग में ईमानदारी का चोला पहने कोई अधिकारी/पदाधिकारी नजर नहीं आएंगे। इस पर अंकुश लगाने हेतु भ्रष्ट अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ कर सलाखों के पीछे डाल भी दिया जाता है। परंतु कुछ दिनों के बाद उन्हें क्लीनचिट दे कर पुनः भ्रष्टाचार करने हेतु उसी जगहों पर ईमानदार ऑफिसर के रूप में बैठा दिया जाता है सोचिए कैसे होगा राज्य का विकास।
इससे गरीब, असहाय, जरूर मंद लोगों का हक मारकर बड़े अधिकारियों तक पहुंचा रहता है और उसके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं होती है, आईए ऐसा ही खबरों पर आपका ध्यान केंद्रित करता हूं। झारखंड राज्य के पलामू जिला अंतर्गत छत्तरपुर पाटन विधानसभा क्षेत्र की नौडीहा बाज़ार प्रखंड में करकटा, हुसली, शाहपुर, देवनार सहित विभिन्न गांवों में युवा एकता मंच पलामू जिला अध्यक्ष सह छतरपुर पाटन पूर्व विधायक प्रत्याशी युवा नेता संदीप सरकार ने भ्रमण कर ग्रामीणों की समस्या से रूबरू हुआ।
उन्होंने बताया कि नौडीहा बाजार प्रखंड में प्रखंड विकास पदाधिकारी और आवास प्रखंड समन्वयक की लापरवाही से अबुआ आवास एवं पीएम आवास योजना में काफी अनियमितता हुई है। जिसमें लाभुकों से अवैध पैसों का वसूली की गई है। ग्रामीणों ने बताया कि आवास समन्वयक द्वारा अलग से एजेंट रख कर पैसा का उगाही करवाई जाती है।
वहीं 5 हजार से 30 हजार रु तक रिश्वत लेकर आयोग्य लोगो को आवास योजना का लाभ दिया गया है। योग्य व्यक्ति को आवास योजना से वंचित रखी गई है, जिसके कारण आज के दौर में भी सैकड़ों दलित, आदिवासी, आदिम जनजाति पिछड़ा अपने घरों में घास फूस पत्ता डाल कर रहने को मजबूर हैं।
आवास समन्वयक के पास अकूत संपति है जिसे CBI जांच की आवश्यकता है। आवास योजना में भ्रष्टाचार इतनी चरम पर है कि अब इसे छुपाने के लिए आम जनता सुरेश राम के द्वारा सूचना अधिकार अधिनियम (RTI) के तहद बिगत 4 महीना पहले मांगी गई सूचना अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई है।
वहीं वित्त मंत्री के करीबी करकटा पंचायत मुखिया जी के द्वारा आवास योजना में पैसा वसूली करने की बात भी ग्रामीणों के द्वारा बताई जा रही है। संदीप सरकार ने पलामू उपायुक्त और वित्त मंत्री से आवास योजना का उच्च स्तरीय जांच कर संलिप्त पदाधिकारी जन-प्रतिनिधियों पर कार्रवाई की मांग की है। कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में चरणबद्ध आंदोलन करने की बाध्य होने की बात भी कही है।
मौके पर सुरेश राम, ललन यादव, बबन उरांव, शिवशंकर यादव, पप्पू कुमार यादव, विकाश यादव, आनंद चौधरी, पंकज राम, डॉ अजय कुमार, प्रेमचंद कुमार, विनोद कुमार, अरुण यादव, लालाबाबू यादव, बिनोद राम, सहित अन्य उपस्थित रहे।

