पलामू में अजन्मे बच्चे की मौत पर उपायुक्त ने लिया संज्ञान, जांच रही है दोषी पाए जाने पर होगी कार्रवाई।
पलामू न्यूज Live//मेदिनीनगर: पलामू जिले में श्रीमती भारती पांडे के अजन्मे शिशु की मृत्यु के मामले की जांच हेतु उपायुक्त द्वारा तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया। जिसमें अपर समाहर्ता, सहायक समाहर्ता तथा मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी पलामू को सदस्य के रूप में शामिल किया गया था। जांच के बाद इस समिति ने अपनी जांच रिपोर्ट पलामू उपायुक्त श्री दिलीप प्रताप सिंह शेखावत को सौंप दी है।
जांच समिति की प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि श्रीमती भारती पांडे द्वारा मातृत्व अवकाश के स्थान पर शिशु देखभाल अवकाश हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया था। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आवेदन प्रस्तुत करते समय उनके द्वारा अपनी गर्भावस्था के तथ्य का उल्लेख नहीं किया गया।
साथ ही जांच के दौरान यह भी पाया गया कि श्रीमती पांडे गर्भावस्था के दौरान समय-समय पर जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श हेतु डॉ. नीलम होरो एवं डॉ. ऋषिता सिंह के क्लीनिक में जाती रही थीं।
जांच रिपोर्ट के अनुसार डॉ. ऋषिता सिंह ने 21 जुलाई एवं 24 जुलाई 2026 को, श्रीमती पांडे को मां एवं गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि श्रीमती पांडे द्वारा 03 जुलाई 2026 को शिशु देखभाल अवकाश हेतु जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया गया था।
प्रारंभिक जांच के अनुसार संबंधित कार्यालय के कर्मचारी श्री ईश्वरी राम द्वारा उक्त आवेदन से संबंधित अभिलेख लगभग 10 दिनों तक निर्णयार्थ जिला शिक्षा पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए गए।
जांच के दौरान शिक्षा विभाग में कथित धन के लेन-देन संबंधी आरोप भी संज्ञान में आए हैं, इस संबंध में विस्तृत जांच की जा रही है तथा आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। जांच पूर्ण होने के उपरांत उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि इस पूरे प्रकरण में किसी भी स्तर पर यदि लापरवाही, कर्तव्यहीनता अथवा अनियमितता प्रमाणित होती है तो संबंधित पदाधिकारी, कर्मी अथवा अन्य दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

