पलामू के 40 मजदूरों का कर्नाटक में उत्पीड़न: 20 से अधिक नाबालिग भी शामिल, भाकपा माले का सरकार को अल्टीमेटम
पलामू न्यूज Live//नीलांबर-पितांबरपुर (पलामू)। झारखंड के पलामू जिले से एक दर्दनाक और चिंताजनक खबर सामने आई है, जहां रोजगार की तलाश में बाहर गए गरीब परिवारों के चेहरे पर अब अपनों के खोने और उनके उत्पीड़न का खौफ साफ देखा जा सकता है। नीलांबर-पितांबरपुर प्रखंड अंतर्गत साहद गांव (पंचायत ओरिया) के लगभग 40 मजदूरों को कर्नाटक के एक ठेकेदार के एजेंट द्वारा काम दिलाने के नाम पर ले जाया गया था। अब ये सभी मजदूर वहां बेहद विषम परिस्थितियों में बंधक जैसी स्थिति में फंसे हुए हैं।
आधे से अधिक नाबालिग, रोते हुए फोन कर मांग रहे मदद
पीड़ित परिजनों के अनुसार, बाहर ले जाए गए 40 मजदूरों में से आधी से अधिक संख्या 12 से 17 वर्ष के नाबालिग बच्चों की है। ठेकेदार और स्थानीय एजेंट की मिलीभगत से बच्चों को मजदूरी कराने ले जाया गया था। अब वहां न तो मजदूरों को तय मजदूरी दी जा रही है और न ही उन्हें अपने घर वापस आने की अनुमति दी जा रही है। घर पर रह रहे परिजनों के पास जब बच्चों के रोते-बिलखते फोन आ रहे हैं, तो पूरा इलाका दहशत और चिंता के साये में डूब गया है। यह पूरा मामला सीधे तौर पर बंधुआ मजदूरी और अवैध बाल श्रम शोषण का गंभीर रूप प्रस्तुत करता है।
प्रशासन और श्रम विभाग के पास पहुंची गुहार
मामले की भयावहता को देखते हुए परिजनों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने तुरंत एक्शन लेते हुए:
- श्रम विभाग, रांची को पूरे मामले से संबंधित औपचारिक आवेदन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
- नीलांबर-पितांबरपुर थाना को पूरी घटना से लिखित रूप में अवगत कराकर कानूनी प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया है।

भाकपा माले ने संभाला मोर्चा, बैठक कर लिया निर्णय
घटना के सामने आते ही भाकपा माले की नीलांबर-पितांबरपुर प्रखंड कमेटी ने पीड़ित परिवारों के साथ एक आपातकालीन बैठक का आयोजन किया। बैठक में परिजनों से सीधे संवाद कर पूरी स्थिति की जानकारी जुटाई गई। इस दौरान अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष कॉमरेड बी. एन. सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
नेताओं की मुख्य बातें और मांगें:
- सुरक्षित घर वापसी की मांग: पार्टी के केंद्रीय कमेटी सदस्य सह पूर्व विधायक कॉमरेड विनोद कुमार सिंह एवं प्रखंड प्रभारी कॉमरेड कमेश सिंह चेरो ने राज्य सरकार और श्रम विभाग से मांग की है कि कर्नाटक सरकार से तुरंत संपर्क कर सभी मजदूरों एवं नाबालिगों को वहां से सुरक्षित निकालकर पलामू वापस लाया जाए।
- आंदोलन की सीधी चेतावनी: कॉमरेड कमेश सिंह चेरो ने कहा कि पलामू में गरीबी और बेरोजगारी का फायदा उठाकर मानव तस्करी और मजदूरों की दलाली करने वाले एजेंट हावी हैं। यदि सरकार ने जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए, तो पार्टी उग्र जन-आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
- स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर तीखा हमला: माले नेताओं ने कहा कि चुनाव के समय दलित, आदिवासी और मजदूरों का हितैषी बनने वाले क्षेत्रीय प्रतिनिधि आज इस मानवीय संकट पर पूरी तरह मौन साधे हुए हैं, जो बेहद निराशाजनक है।

बैठक में भारी संख्या में जुटे ग्रामीण
इस दौरान योगेंद्र शर्मा, शिवनाथ महतो, कालो देवी, कबूतरी देवी, सीता देवी, सुदामा भुइयां, गिरवर भुइयां सहित बड़ी संख्या में पीड़ित परिवारों के सदस्य और ग्रामीण मौजूद रहे। सभी की आंखें अपनों की सलामती और घर वापसी की उम्मीद में टिकी हुई हैं।

