जन-मुक्ति के जंग जारी है और बाबा साहेब के विचार कल से भी ज्यादा आज प्रासंगिक हो रहा है : अविनाश देव।
पलामू न्यूज Live//पलामू जिले के मेदिनीनगर अंबेडकर पार्क में शनिवार को भारतीय संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर जी के परिनिर्वाण दिवस मनाया गया। इस अवसर पर अंबेडकर पार्क मेदिनीनगर में जिला के विभिन्न संगठन के लोगों ने शामिल हुए वहीं शहर के प्रतिष्ठित संत मरियम आवासीय विद्यालय के चेयरमैन सह जेएमएम के नेता श्री अविनाश देव भारतीय संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर जी के आदमकद प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किए।
इस मौके पर विभिन्न जगहों से पहुंचे बौद्धिक लोगों ने भी बारी-बारी से बाबा साहेब के विचारों को रखा। वहीं अपने संबोधन में श्री अविनाश देव ने कहा कि अगर भारतीय बुद्धिजीवी जमात विशाल देश के विविधता लिए सामाजिक बनावट को दुर्भावना से ऊपर उठ कर निस्वार्थ और प्राकृतिक लोकतांत्रिक तरीके से चिंतन करे तब पता चलेगा कि डॉक्टर अंबेडकर के विचार उनके कहा एक-एक बात मौत के सतर साल बाद भी कितना प्रासंगिक है। भारत विविधता में एकता लिए दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश है जहां हजारों साल से वर्ण व्यवस्था है।
राजा महाराजा सामंत जमींदार छुआ छूत ऊंच नीच गोरा काला न जाने कितने सामाजिक विसंगतियां है, जिससे आदमी आदमी का गुलाम बना रहा लोक व्यवहार में आज भी यह चीज देखने को मिल रहा है। इक्कीसवीं सदी के भारत में सामाजिक न्याय और समता का अधिकार के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। इसी असमानता को बाबा साहेब ने कलमबद्ध किया और आजादी के बाद संविधान के रूप में लागू करवाया।
जब हम बाबा साहेब को पढ़ते हैं तो पाते हैं कि वे दुर्भावना के शिकार नहीं थे बल्कि दूरदृष्टा थे और दीर्घकालीन सभी मानव जाति के लिए बराबरी का हक अधिकार का व्यवस्था बनाए। लेकिन शोषक समाज शोषण करने से मुक्त नहीं हुआ इसीलिए जनमुक्ति के जंग जारी है और बाबा साहेब के विचार कल से भी ज्यादा आज प्रासंगिक हो रहा है।

