राष्ट्र के नाम पीएम मोदी का संबोधन, 22 सितम्बर से 99% चीजें अब 5% टैक्स के दायरे में रहेगा।
पलामू न्यूज Live//नई दिल्ली भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार कि शाम 5 बजे देश को संबोधित किया। जिसमें उन्होंने कहा कि 22 सितम्बर 2025 को सूर्योदय के साथ ही जीएसटी बचत उत्सव शुरू होगा। पीएम मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन में देशवासियों को शारदीय नवरात्र की शुभकामनाएं दी। पीएम मोदी ने कहा कि जीएसटी बचत उत्सव में आपकी बचत बढ़ेगी और आप अपनी पसंद की चीजों को और ज्यादा आसानी से खरीद पाएंगे।
हमारे देश के गरीब मध्यम वर्गीय लोग न्यू मिडिल क्लास युवा, किसान, महिलाएं, दुकानदार, व्यापारी, उद्यमी सभी को ये बचत उत्सव का बहुत फायदा होगा। यानी त्योहारों के इस मौसम में सबका मुंह मीठा होगा। पीएम ने कहा साथियों जब साल 2017 में जीएसटी रिफॉर्म्स की तरफ कदम बढ़ाया था तब नया इतिहास रचने की शुरुआत हुई थी। आप सभी लोगों को देश के व्यापारी अलग-अलग टैक्स के जाल में उलझे हुए थे एंट्री टैक्स, सेल्स टैक्स, एक्साइज, वैट, सर्विस टैक्स न जाने भांति-भांति के दर्जनों टैक्स देश में थे।
साथियों टैक्स और टोल के जंजाल से ये तबके हालात थे और मैं आपको सिर्फ एक पुराना उदाहरण याद दिला रहा हूं तब लाखों कंपनियों और देशवासियों को अलग-अलग तरह के टैक्स के जाल की वजह से रोज परेशानी होती थी। सामान को एक शहर से दूसरे शहर पहुंचने के बीच जो खर्च बढ़ता था वो खर्च भी गरीब को उठाना पड़ता था देश को इस से निकालना जरूरी था। वर्तमान जरूरतों और भविष्य को देखते हुए जीएसटी के नए सुधार लागू हो रहे हैं। अब सिर्फ 5% और 18% के ही टैक्स स्लैब रहेंगे यानी रोजमर्रा के इस्तेमाल की ज्यादा सस्ती हो जाएंगे खाने- पीने का सामान, दवाइयां, ब्रश-पेस्ट, बीमा ऐसे ज्यादातर सामान पर या तो टैक्स शून्य होगा या 5% टैक्स होगा। जिन सामानों पर पहले 12 फीसदी टैक्स लगता था उनमें से करीब 99 फीसदी चीजें अब 5% टैक्स के दायरे में हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 11 साल में देश में 25 करोड़ लोगों ने गरीबी को हराया है। गरीबी को परास्त किया है और गरीबी से बाहर निकलकर एक बहुत बड़ा समूह नियो मिडिल क्लास के तौर पर बड़ी भूमिका अदा कर रहा है। इस क्लास की अपनी महत्वाकांक्षाएं और सपने हैं इस साल सरकार ने 12 लाख तक की इनकम को टैक्स मुक्त कर उपहार दिया और जब 12 लाख तक वेतन पर टैक्स शून्य हो जाए तो मध्यमवर्ग को तो काफी सुविधा हो जाती है। अब गरीब की बारी है नियो मिडिल क्लास की बारी है अब इन्हें डबल बोनांजा मिल रहा है। जीएसटी कम होने से देश के नागरिकों के लिए अपने सपने पूरे करना और आसान होगा।
घर बनाना, स्कूटर-कार खरीदना हो इन सब पर अब कम खर्च करना होगा। अब आपका घूमना भी सस्ता होगा क्योंकि होटल के कमरों पर भी जीएसटी कम कर दिया गया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि अब हमें आत्मनिर्भरता के मंत्र के साथ आगे बढ़ना होगा। जो देश के लोगों की जरूरत है जो हम देश में बना सकते हैं वो हमे देश में ही बनाना चाहिए। जीएसटी की दरें कम होने से नियम और प्रक्रियाएं और आसान बनने से हमारे एमएसएमई, हमारे लघु, कुटीर उद्योगों को बहुत फायदा होगा। उनकी बिक्री बढ़ेगी और टैक्स भी कम देना पड़ेगा यानी उनको भी डबल फायदा होगा।
इसलिए आज मेरी एमएसएमई से चाहे लघु हों या सूक्ष्म या कुटीर आप सबसे बहुत अपेक्षाएं हैं आपको भी पता है कि जब भारत समृद्धि के शिखर पर था तब अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार हमारे लघु-कुटीर उद्योग थे। भारत की मैन्युफैक्चरिंग और क्वालिटी बेहतर होती थी हमें उस गौरव को वापस पाना है। जो हमारे उद्योग बनाएं वो दुनिया में उत्तम से उत्तम हों जो हम बनाएं वो दुनिया में बेस्ट के पैरामीटर को पार करने वाला हो हमारे उत्पाद दुनिया में भारत का गौरव बढ़ाएं।
देश के दुकानदार भाई लोग जीएसटी को लेकर खुश हैं।
भारत के पीएम मोदी ने कहा कि मुझे खुशी है कि दुकानदार भाई-बहन जीएसटी सुधार को लेकर उत्साह में हैं। वे इसके फायदों को ग्राहकों तक पहुंचाने में जुटे हैं हम नागरिक देवो भवः के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहे हैं। अगर हम इनकम टैक्स में छूट और जीएसटी में छूट को जोड़ दें तो एक साल में जो निर्णय हुए हैं उससे देश के लोगों को 2.5 लाख करोड़ से ज्यादा की बचत होगी इसलिए यह बचत उत्सव बन रहा है।
राष्ट्र के नाम संबोधन में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज जाने-अनजाने में हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में बहुत सी विदेशी चीजें जुड़ गई हैं। हमारी जेब में कंघी देशी है कि विदेशी हमें पता ही नहीं अब हमें इससे मुक्ति पानी होगी हमें वो चीजें खरीदनी होंगी जो भारत में बनी हो, जिसमें हमारे देश के बेटे-बेटियों का पसीना हो हमें देश के घरों को स्वदेशी का प्रतीक बनाना है। गर्व से कहो कि मैं स्वदेशी खरीदता हूं मैं स्वदेशी सामान की बिक्री भी करता हूं ये हर भारतीय का मिजाज बनना चाहिए जब ये होगा तो भारत तेजी से विकसित होगा। मेरा आज सभी राज्य सरकारों से भी आग्रह है कि आत्मनिर्भर भारत के इस अभियान के साथ स्वदेशी के इस अभियान के साथ अपने राज्यों में उत्पादन को गति दें। पूरी ऊर्जा और उत्साह से निवेश के लिए माहौल बनाएं जब केंद्र और राज्य मिलकर आगे बढेंगे तो विकसित भारत का सपना पूरा होगा।

