पलामू वासियों को बहुत जल्द बालू की किल्लत से मिलेगी निजात, सितंबर से निविदा आमंत्रण की सूचना होगी जारी।
पलामू न्यूज Live//झारखंड राज्य अंतर्गत पलामू जिले में 19 बड़े बालू घाटों की नीलामी प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। सितंबर के प्रथम सप्ताह में निविदा आमंत्रण की सूचना जारी कर दी जाएगी। बालू घाटों की नीलामी से पूर्व प्री बीड मीटिंग का आयोजन 29 अगस्त 2025 को समाहरणालय पलामू मे की गई।
जिसमें जिला खनन पदाधिकारी सुनील कुमार द्वारा ई नीलामी हेतु निर्धारित तिथि की जानकारी देते हुए जिले के साथ-साथ राज्य के व्यवसायियों से नीलामी मे भाग लेने हेतु आग्रह किया गया है।
बता दें कि झारखंड के मुख्य सचिव ने व्यावसायिक बालू घाटों की नीलामी प्रक्रिया सितंबर के पहले पखवाड़े तक पूर्ण करने का निर्देश दिया है। झारखंड रेत खनन नियम 2025 के नियमों के अंतर्गत जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार पलामू जिले में दूसरी श्रेणी के 19 बालू घाट चिह्नित हैं जिनकी सात ग्रुप में नीलामी की जानी है।
ज्ञातव्य हो कि 15 अक्टूबर 2025 से नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल का प्रतिबंध समाप्त हो जाएगा। बहुत जल्द पलामू में बालू घाटों की नीलामी पूरी होने के बाद बालू का खनन शुरू हो जाने की संभावना है, इससे लोगों को बालू की किल्लत से निजात मिलेगी।
पलामू के 19 बालू घाटों में अमानत नदी का सबसे ज्यादा नौ बालू घाट शामिल है वहीं उत्तरी कोयल के सात व सोन नदी के तीन बालू घाट शामिल हैं।
पलामू में बालू घाट का नीलामी पांच वर्ष के लिए होगी।
पलामू के बालू घाटों में सिंगरा कला, सिंगरा खुर्द व कांके घाट को मिलाकर पहला ग्रुप बनाया गया है। इसका आधार मूल्य 235 करोड़ 38 लाख रुपए रखा गया है जो सबसे अधिक है यह नीलामी आगामी 5 वर्षों के लिए की जा रही है।
बालू खनन की दृष्टि से झारखंड के सबसे बड़े जिले में शुमार होने के कारण पलामू में राज्य स्तर से मॉनिटरिंग की जा रही है।
जिला खनन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के चिह्नित द्वितीय श्रेणी के 19 बालू घाटों में कुल 101 करोड़ 30 लाख घन फीट से अधिक बालू है।
जिसमें सिंगरा स्थित बालू घाट का रकबा 205.03 हेक्टेयर है जो सबसे अधिक है। वहीं कांके खुर्द का रकबा 4.08 हेक्टेयर है जो सबसे छोटा है, जिले के दो बालू घाट का रकबा 5 हेक्टेयर से कम है, जबकि 17 बालू घाट का रकबा 5 हेक्टेयर से अधिक है।

