खुशी के लिए नहीं खुशी से जीना आवश्यक : डॉ हिमांशु।
पलामू न्यूज Live//नीलांबर पीतांबरपुर : आर्ट ऑफ़ लिविंग बेंगलुरु शाखा के डॉक्टर हिमांशु ने कहा कि लोगों को खुशी के लिए नहीं बल्कि खुशी से जीना आवश्यक हो गया है। वर्तमान समय में जहां दौड़ भाग की जिंदगी है वहां पर खुशियां पानी के लिए लोग बाहर जा रहे हैं। लेकिन खुशियां आपके शरीर के अंदर ही हैं, केवल जीवन जीने के शैली पर बहुत कुछ निर्भर है।
आप कैसे स्वयं और अपने परिवार और समाज को खुश रहने के लिए नहीं बल्कि खुशी से जीवन व्यतीत करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। ये बातें डॉक्टर हिमांशु ने कोटखास ठाकुरबाड़ी श्री राम जानकी मंदिर में शनिवार की रात परीचर्चा कार्यक्रम में बोल रहे थे।
इसके पूर्व उन्होंने एक से एक भजन प्रस्तुत कर लोगों को मंत्र मुग्ध कर दिया। आर्ट ऑफ लिविंग के जिला प्रभारी प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि अध्यात्म और योग के माध्यम से आप अपने जीवन को सरल बना सकते हैं।
डॉक्टर रागिनी ने कहा कि परिचर्चा का कार्यक्रम हमेशा आयोजित होने के लिए वह सर्व सुलभ उपलब्ध है, सुदर्शन क्रिया के माध्यम से लोगों में एक अलग आध्यात्मिक बदलाव दिखेगा।
इस कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों का अभिवादन सनातन धर्म सभा के केंद्रीय अध्यक्ष अजीत तिवारी ने किया।
इस चर्चा कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरीय पदाधिकारी राजमुनि सिंह, आरएसएस के खंड कार्यवाह बिट्टूलाल श्रीवास्तव, ठाकुरवाड़ी मंदिर समिति के ओमप्रकाश प्रसाद, संदीप प्रसाद, डॉ नीरज, मुख्य पुजारी सुभाष चंद्र मिश्रा, कामता यादव, कमलेश तिवारी, राम प्रकाश तिवारी, बलकेश पासवान, उमाशंकर सोनी, प्रदीप सिंह सहित अन्य कई लोग उपस्थित रहे।

