लेस्लीगंज में ईद मिलाद-उन-नबी को लेकर निकाली गई जुलूस।
पलामू न्यूज Live//पलामू जिले के नीलांबर पीतांबरपुर प्रखंड मुख्यालय सहित आस पास के ग्रामींण इलाकों में ईद मिलादुन्नबी का पर्व पूरे हर्षोल्लास और धूम-धाम से मनाया गया। सुबह से ही मुस्लिम समाज में एक अलग ही रौनक और खुशी का माहौल देखने को मिला। इस खास मौके पर निकाले गए जुलूस ने पूरे इलाके में अमन, शांति और आपसी भाईचारे का संदेश फैलाया।
लेस्लीगंज में जूलूस कहां से कहां तक निकाली गई।
जुलूस की शुरुआत प्रखंड मुख्यालय स्थित मशहूर सूफी संत अब्दुर रहमान शाहदाता रहमतुल्लाह अलैह उर्फ बुढ़वा बाबा के मजार प्रांगण से की गई। जुलूस इराकिया मोहल्ला, मुस्लिम नगर, मस्जिद चौक, गांधी चौक, ढेला चौक होते हुए पतरा तक पहुंचा और फिर पुनः मजार प्रांगण में आकर सम्पन्न हुआ।
पूरे रास्ते में मुस्लिम समुदाय के लोग नात और सलाम पेश करते हुए आगे बढ़ते रहे। जगह-जगह पर गली- मोहल्लों के लोगों ने पानी और खाने-पीने की चीजें बांटकर जुलूस का स्वागत किया।
इस जुलूस में बड़ी संख्या में धर्मगुरु और गणमान्य लोग शामिल हुए। जामा मस्जिद के इमाम हाफिज अशरफ जमाल ने कहा कि ईद मिलादुन्नबी का दिन हमें पैग़म्बर मोहम्मद की सीरत और उनके बताए हुए रास्तों को अपनाने का संदेश देता है।
उन्होंने कहा कि इस्लाम पूरी तरह से अमन और शांति का पैग़ाम देता है और इंसानियत की सेवा ही इसका असली मकसद है। छोटी मस्जिद के इमाम कारी जसीम अशरफी ने कहा कि पैगम्बर मोहम्मद ने हमेशा इंसाफ, समानता और भाईचारे की शिक्षा दी है। उन्होंने कहा कि जो लोग इस्लाम का नाम लेकर नफरत फैलाने की कोशिश करते हैं उनका इस्लाम से कोई ताल्लुक नहीं है।
मदरसा रजाए हबीब के मोहतमिम मौलाना अख्तर हुसैन गौशी ने अपने बयान में कहा कि इस्लाम का मतलब ही शांति है। आतंकवाद और हिंसा का इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने युवाओं से अपील किया कि वे पैग़म्बर की सीख को अपनी जिंदगी में उतारें और समाज में मोहब्बत और भाईचारे का माहौल बनाएं। मौलाना ताहिर हुसैन मिस्बाही ने कहा कि इस्लाम हमें हर धर्म और हर इंसान की इज्जत करना सिखाता है।
उन्होंने कहा कि इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं और मोहम्मद की सीरत पूरी दुनिया के लिए रहमत बनकर आई है। वहीं ढे़ला मस्जिद के इमाम हाफिज सुलतान ने कहा कि पैगम्बर मोहम्मद ने कभी भी नफरत को बढ़ावा नहीं दिया बल्कि हमेशा मोहब्बत, इंसाफ और शांति की बात की। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज को चाहिए कि वे उनके बताए रास्तों पर चलकर समाज में मिसाल पेश करें।
इस जुलूस की शदरात प्रखंड सदर फिरोज़ अंसारी और सेक्रेट्री मुन्ना खान ने की। मौके पर उपमुखिया सह समाजसेवी हेमायूं खान, नसीम राजा, मिस्टर महमूद सहित सैकड़ों की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग मौजूद रहे।

