एम्स अस्पताल की सलाह पेपर कप या प्लास्टिक के बर्तन में गर्म चाय पीने या खाना खाने पर होगा कैंसर, मानव निर्मित मिट्टी के बर्तन का करें उपयोग।
पलामू न्यूज Live//नयी दिल्ली एम्स अस्पताल ने एक सूचना देशवासियों को सार्वजनिक किया है जिसमें कहा गया है कि यदि आप रोजाना पेपर कप में चाय या कॉफी पीते हैं या प्लास्टिक के किसी भी बर्तन में गर्म पानी, गर्म दूध उपयोग करते हैं तो यह आदत आपको कैंसर और हार्मोन संबंधी गंभीर बीमारी की तरफ धकेल रही है।
यही नहीं यह नर्वस सिस्टम पर भी सीधा खतरा बढ़ा रही है आईआईटी खड़गपुर की ताजा रिसर्च में इसकी पुष्टि हुई है। शोधकर्ताओं का कहना है कि गर्म पेय को डिस्पोजेबल पेपर कप में डालने पर कप की अंदरूनी प्लास्टिक कोटिंग मात्र 15 मिनट में 25 हजार माइक्रो प्लास्टिक कण छोड़ देती है।
इसका मतलब जो व्यक्ति रोज तीन कप चाय पीता है वह हर दिन 75 हजार सूक्ष्म प्लास्टिक कण निगल रहा है। ये आंखों से न दिखने वाले कण शरीर में जमा होकर कैंसर, हार्मोनल डिसआर्डर और नर्वस सिस्टम डैमेज जैसे बड़े खतरे पैदा कर सकते हैं।
इस शोध के सामने आने के बाद भोपाल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनीष शर्मा ने लोगों से अपील की है कि वे कुल्हड़, स्टील या चीनी के कप का ज्यादा उपयोग करें। आप अपने शरीर में बड़े से बड़े बिमारी का जन्म दाता खुद हैं जिंदगी जीने का सही मायने आप समझ जाएंगे तो आपको कोई दिक्कत की सामना नहीं करना पड़ेगा।
हमारे दादा परदादा 100 से 120 वर्षों तक बिलकुल स्वस्थ्य जीवन जीते थे उन्हें कभी भी किसी बड़े बिमारियों का सामना करना नहीं पड़ता था। इसका कारण उनका खान-पान बिल्कुल शुद्ध एवं अपने हाथों से तैयार किए हुए सामग्री सामिल रहता था।

