लातेहार में जेजेएमपी उग्रवादी के दो कमांडरों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता, पुलिस के समक्ष किया आत्मसमर्पण।

पलामू न्यूज Live//लातेहार जिले में झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर प्रतिबंधित संगठन झारखंड जनमुक्ति परिषद (जेजेएमपी) के दो सक्रिय उग्रवादियों ने बुधवार को लातेहार में पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में अर्धसैनिक बलों के अधिकारियों के समक्ष में आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वालों में सब-जोनल कमांडर ब्रजेश यादव उर्फ राकेश और एरिया कमांडर अवधेश लोहरा उर्फ रोहित जी शामिल हैं।आत्मसमर्पण कार्यक्रम पलामू रेंज के आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा, लातेहार पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव, सीआरपीएफ 11वीं बटालियन के कमांडेंट यादराम बुनकर तथा एसएसबी 32वीं बटालियन के कमांडेंट राजेश कुमार की उपस्थिति में आयोजित किया गया। अधिकारियों ने आत्मसमर्पण कर रहे दोनों ही उग्रवादियों को फूलों का गुलदस्ता और बुके देकर स्वागत किया तथा मुख्य नक्सली ब्रजेश यादव को पांच लाख रुपये का प्रतीकात्मक चेक सौंपी इस दौरान में दोनों ही उग्रवादियों के परिजन भी मौके पर उपस्थित रहे।

20 वर्षों से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय था ब्रजेश यादव।

गुमला जिले के बिशुनपुर थाना क्षेत्र के कठोकटवा गांव निवासी ब्रजेश यादव करीब दो दशक से नक्सल आंदोलन से जुड़ा हुआ था। प्रारंभिक वर्षो में वह माओवादी संगठन का साथ सक्रिय था, वर्ष 2010 में गिरफ्तार किए जाने के बाद जेल भेजा गया था। इसके बावजूद उसने नक्सल का रास्ता नहीं छोड़ा और फिर से 2018 में जेल से छूटने के बाद उसने जेजेएमपी संगठन का दामन थाम लिया था और सब-जोनल कमांडर के पद पर पहुंच गया। सरकार ने उसके आपराधिक गतिविधियों को देखते हुये 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। ब्रजेश पर बिशुनपुर और चैनपुर थाना में 10 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज है जिनमें मुख्य रूप से विस्फोट , पुलिस पर हमला और रंगदारी जैसी गंभीर वारदातें शामिल है। वहीं दूसरा उग्रवादी अवधेश लोहरा उर्फ रोहित जी जो लातेहार जिले के हेरहंज थाना क्षेत्र के बंदुवा गांव का रहने वाला है उस पर भी 5 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह पिछले कई वर्षो से जेजेएमपी संगठन में सक्रिय था और इलाके में लेवी वसूली तथा धमकी जैसे मामलों में संलिप्त था।

 वर्ष 2025 में 21 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण।

आत्मसमर्पण कार्यक्रम के दौरान आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने कहा कि लातेहार जिले में पिछले कुछ वर्षों से नक्सल गतिविधियों में काफी कमी आई है। पुलिस और सुरक्षा बलों के द्वारा लगातार कार्रवाई तथा झारखंड सरकार के आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति का प्रभाव अब साफतौर पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि साल 2025 में अब तक कुल 21 नक्सलीयों ने लातेहार जिले में आत्मसमर्पण कर चुके हैं। उन्होंने बाकी बचे हुए उग्रवादियों से भी शीघ्र मुख्यधारा में लौटने की अपील की है और चेतावनी दिए हैं कि जो भी उग्रवादी आत्मसमर्पण नहीं करेगें उन्हें पुलिसिया कार्रवाई में मार दिया जायेगा। लातेहार एसपी कुमार गौरव ने कहा कि पुलिस के निरंतर अभियानों और जनता के सहयोग से नक्सली संगठन अब टूट रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब जेजेएमपी संगठन‌ लगभग समाप्ति के कगार पर पहुंच गया है संगठन में अब चार से पाँच ही सदस्य बचे हुये हैं जो पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिये इधर उधर भागते फिर रहे हैं। उन्होंने इन उग्रवादियों से भी आत्मसमर्पण करने का अपील किया है, नहीं तो कान खोलकर सुन लें एक न एक दिन पुलिस कि गोलियों से आपकी जान चली जाएगी। आपका भी घर परिवार बीबी बच्चें मां पिता भाई बहन गांव समाज है जो आपकी इंतजार कर रही है अपने आपको पुलिस के समझ आत्मसमर्पण करें और बच्चे-खुचे खुशहाल जीवन व्यतीत करें।

पलामू न्यूज Live

“ब्यूरो रिपोर्ट पलामू न्यूज Live”

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