झारखंड विधानसभा की कार्यवाही देखने के लिए शैक्षणिक भ्रमण के तहत संत मरियम विद्यालय के विद्यार्थियों को हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना।
पलामू न्यूज Live//पलामू: मेदिनीनगर संत मरियम विद्यालय के विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक व्यवस्था को नजदीक से समझने का विशेष अवसर मिला। जब 18 मार्च को उन्हें शैक्षणिक भ्रमण के तहत झारखंड विधानसभा की कार्यवाही देखने के लिए रवाना किया गया, विद्यालय परिसर से विद्यार्थियों को विधिवत हरी झंडी दिखाकर विदा किया गया।
इस अवसर पर आर्य समाज मंदिर के अध्यक्ष ज्योति प्रकाश गोयल, पतंजलि योग के राज्य कार्यकारिणी सदस्य सह जिला प्रभारी राजीव शरण, विद्यालय के चेयरमैन अविनाश देव, प्राचार्य कुमार आदर्श तथा उप प्राचार्य एस. बी. साहा सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण से बच्चों के ज्ञान, समझ और दृष्टिकोण का व्यापक विकास होता है। उन्होंने इस शिक्षा के व्यावहारिक स्वरूप को महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
संत मरियम विद्यालय के चेयरमैन अविनाश देव ने कहा कि विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें लोकतंत्र की वास्तविक प्रक्रियाओं से जोड़ना भी अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि विधानसभा जैसी महत्वपूर्ण संस्था की कार्यप्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से देखना विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक अनुभव होगा जहां राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं।
इस भ्रमण के दौरान विद्यार्थी यह समझ सकेंगे कि जनप्रतिनिधि किस प्रकार विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श करते हैं और कानून निर्माण की प्रक्रिया किस तरह पूरी होती है। इससे उनमें लोकतंत्र के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी।
इस पहल को सफल बनाने में स्थानीय विधायक आलोक चौरसिया का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ और विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो की सहमति से यह भ्रमण संभव हो सका। विद्यार्थियों को जनप्रतिनिधियों से संवाद का अवसर भी मिल सकता है, जिससे वे शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली को और बेहतर ढंग से समझ पाएंगे।
इस शैक्षणिक यात्रा में चेयरमैन अविनाश देव, उप प्राचार्य एस. बी. साहा, शिक्षक सुधांशु दुबे सहित अन्य शिक्षकगण भी विद्यार्थियों के साथ शामिल हैं।
विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि इस प्रकार के प्रयास विद्यार्थियों के बौद्धिक, सामाजिक और व्यावहारिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करते हैं।

