लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के झरहा नदी तट पर विराट शिव गुरु महोत्सव में उमड़ा शिव शिष्यों का भीड़।
पलामू न्यूज Live//पलामू जिला के नीलाम्बर-पीताम्बरपुर प्रखंड के अंतिम सीमा वर्ती पिरीमोड़ अमानत नदी झरहा के तट पर गुरुवार को आयोजित विराट शिव गुरु महोत्सव (शिव चर्चा) कार्यक्रम में आध्यात्मिक ज्ञान के महत्व पर विभिन्न वक्ताओं के द्वारा गहन विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर एक दिवसीय विराट शिव गुरु महोत्सव कार्यक्रम में लेस्लीगंज, पांकी, मनातू, तरहसी, चैनपुर, पाटन, गढ़वा, लातेहार, बालूमाथ, बरवाडीह यादि जगहों से सैकड़ों महिला पुरुष शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाया।
मौके पर वक्ता धनंजय राय ने अपने उद्बोधन में कहा कि आना, रुकना और जाना हम सबो के जीवन में लगा हुआ है। हम गुरु मान लेते हैं लेकिन गुरु से सीखने से ज्यादा हम उनसे मांगने लगते हैं।
उन्होंने कहा कि आज के समय में लोग गुरु को केवल अपनी इच्छाओं और समस्याओं के समाधान का माध्यम समझने लगे हैं।
जबकि गुरु का वास्तविक उद्देश्य शिष्य को ज्ञान, विवेक और आत्मबोध की ओर ले जाना है। आध्यात्मिक ज्ञान का अर्थ केवल पूजा-पाठ या कर्मकांड तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन को सही दिशा देने आत्मअनुशासन और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
धनंजय राय ने कहा कि आध्यात्मिक ज्ञान से व्यक्ति अपने भीतर झांकना सीखता है। इससे अहंकार का नाश होता है और सेवा, करुणा व प्रेम की भावना विकसित होती है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि गुरु से मांगने की बजाय उनसे सीखने की प्रवृत्ति विकसित करनी चाहिए, तभी सच्चे अर्थों में गुरु-शिष्य परंपरा सार्थक होगी। इस कार्यक्रम के दौरान शिव भक्ति, ध्यान और आत्मचिंतन पर भी गहन चर्चा की गई।
उपस्थित श्रद्धालुओं ने गुरु चर्चा को जीवन के लिए प्रेरणादायक बताया, अमानत नदी के शांत वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम ने लोगों को अध्यात्म से जोड़ने और आत्मिक शांति की अनुभूति कराने का कार्य किया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय संरक्षक अनिल सिंह, प्रदेश संरक्षक अनिल साहू, पर्यावरण संरक्षक रवि शर्मा, लेस्लीगंज प्रखंड संरक्षक नवल किशोर राय उर्फ डब्लू राय, कमलदेव सिंह, गोविन्द कुमार, विनय कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामींण श्रद्धालु एवं शिव गुरु शिष्य-शिष्या उपस्थित रहें।

