आंध्रप्रदेश और ओडिशा में चक्रवाती तूफान मोंथा ने मचाई भारी तबाही, कई लोगों की हुई मौत, फ्लाइट और ट्रेनें हुई रद्द।
पलामू न्यूज Live//बंगाल कि खाड़ी से उठी चक्रवाती तूफान मोंथा रौद्र रूप धारण कर मंगलवार शाम आंध्र प्रदेश के तट से टकराया इस दौरान मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच काकीनाडा से गुजरते समय हवा की स्पीड करीब 100 किमी प्रति घंटा था। इससे कई जगहों पर भारी नुकसान की खबरें सामने आई इस दौरान ममीडिकुडुरू मंडल के मकानपालेम गांव में एक मकान पर भारी पेड़ गिरने से महिला की मौत हो गई।
चक्रवाती तूफान मोथा से आंध्र प्रदेश और ओडिशा में मचाई तबाही।
यह तूफान आंध्र प्रदेश से निकलकर बुधवार कि सुबह ओडिशा पहुंच गया इस दौरान गंजम और गजपति जिलों में मूसलाधार बारिश हुई और करीब 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल रही थी। जिसके कारण कई जगहों पर पेड़ उखड़कर सड़क पर गिर गए जिससे आवागमन भी बाधित रहा। इस चक्रवात के कारण आंध्रप्रदेश में 38000 हेक्टेयर भूमि पर लगी फसल नष्ट हो गई। करीब 76000 लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया और सरकार की तरफ से अलग-अलग जगहों पर 219 चिकित्सा शिविरों की व्यवस्था की गई है।
चक्रवाती तूफान मोथा के कारण कई फ्लाइट और ट्रेनें रद्द कर दी गई है।
चक्रवात के कारण आंध्र प्रदेश के अलावा तमिलनाडु, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में समुद्र में ऊंची लहरें उठीं और तेज हवा के साथ बारिश हो रही है इसके कारण 52 फ्लाइट रद्द करनी पड़ी जबकि पिछले 24 घंटों में 120 ट्रेनें कैंसिल कर दी गई है।
भारतीय मौसम विभाग ने जारी किया ये अलर्ट।
भारत मौसम विभाग के मुताबिक 29 अक्टूबर तक आंध्र प्रदेश और यनम में ज्यादातर जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश और कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। विभाग ने बताया कि यह चक्रवाती तूफान अगले 6 घंटों में कमजोर होकर सामान्य चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि ओडिशा में मोंथा की वजह से तटीय और दक्षिणी जिलों में भारी बारिश हुई है जिसके कारण भूस्खलन की घटनाएं भी हुईं हैं मकानों को नुकसान पहुंचा और कई जगह पेड़ उखड़ गए हैं।
झारखंड में भी चक्रवाती तूफान मोथा का असर दिखेगा।
ओडिशा के बाद चक्रवाती तूफान मोथा झारखंड के कुछ हिस्सों में भी अपना असर दिखाएगा। जिससे कहीं-कहीं भारी बारिश भी होगी वहीं तेज हवाएं चलेंगी। झारखंड मौसम विभाग ने राज्य में 29-31 अक्टूबर तक बारिश और तेज हवाएं चलने का सूचना जारी किया है जिससे किसानों को नुक्सान होने कि चेतावनी जारी किया है। वहीं किसानों से आग्रह किया गया है कि निचले इलाकों में लगे हुए धान या सब्जी को काटकर सुरक्षित स्थानों पर रख दें।

